YOU-KNOW-WHO! (तुम-जानते-हो-कौन!)
आप में से कई इस वाक्य से भलिभाँति परिचित होंगे, क्योंकि मेरी बाइक की नम्बर-प्लेट पर लिखा है। आपमें से कई लोगों ने शायद मेरी बायीं बाँह पर बना टैटू भी देखा होगा: अरे वही बिज़ली गिरने के निशान वाला लेकिन उसका मतलब शायद कम लोगों को पता होगा। तो आज वही बताने जा रहा हूँ। लेकिन थोड़ा भूमिका बना कर।
दुनिया शुरू से नायकों की खोज में मशगूल रही है, नायकों की चाहत में बेकरार रही है क्योंकि दुनिया के बाशिंदों पर खुद जब कुछ नहीं होता तो उनका ज़हन किसी अजनबी या किसी जानकार की ख्वाहिश करता है कि कोई आये और मेरे इन तमाम दुःखों के कारणों का निवारण कर दे और इस प्रकार एक नायक मतलब हीरो की परिकल्पना शुरू होती है। दुनिया आम आदमियों का समूह है लेकिन इस समूह से जो विरले बिछड़ जाते हैं वो आम न रहकर ख़ास हो जाते हैं। इन ख़ास लोगों में केवल दो वर्ग समाहित हैं और दुनिया ने इनका नामकरण 'नायक' और 'खलनायक' किया है। ये दो कभी आम आदमी की श्रेणी में नहीं आते और आ भी नहीं सकते क्योंकि नायक हो या खलनायक इन तक हर किसी की पहुँच नहीं होती अलबत्ता इनकी पहुँच हर किसी तक होती है।
एक नायक या हीरो का औचित्य क्या है? उत्तर साधारण है कि बुराई को नष्ट करना, समाप्त करना। लेकिन इन तमाम नायको का अस्तित्व केवल तब तक मौजूद है जब तक किसी बुराई या बुरे इंसान का अस्त्तित्व मौजूद है और इसी वजह से कई नायक अपने अस्त्तिव को बचाने की जद्दोजहद में हैं।
ऊपर लिखे से मेरा तात्पर्य केवल काल्पनिक हीरोज और नायकों से था।
किसी भी हीरो की तमाम शक्तियों को पहचानने के पैरामीटर आपको पता है? नहीं पता तो कोई बात नहीं मुझे भी नहीं पता लेकिन अपने अल्पज्ञान के आधार पर आपको बता दूँ कि एक हीरो उतना ज्यादा शक्तिशाली होगा जितना कि उसका सामना करने वाला विलेन और यही हीरो बाद में और अंत में ज्यादा शक्तिशाली हो जाते हैं और चूँकि नायक हैं तो जीतते भी हैं।
मैं यहाँ नायकों का समर्थन नहीं करूँगा और उनकी बात भी नहीं करूँगा। आज में बात करूँगा खलनायकों की क्योंकि किताबें हो या फिल्में सारा क्रेडिट हीरो लूट ले जाते हैं। विलेन्स के हिस्से में केवल गलियां आती हैं। जो कि सही नहीं है।
अगर अपने पसंदीदा खलनायकों का जिक्र करूं तो कुछएक नाम ध्यान आते हैं मसलन
'गब्बर सिंह':- जिसका डंका पूरे पचास कोस तक था और जिस पर उस समय 50000 इनाम था। इनके नाम से तमाम गाँव थर्राते थे। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में शायद ही इससे खतरनाक खलनायक मिल पाए।
'जोकर':- बैटमैन सीरीज का अमर चरित्र जो कि एक केमिकल इंजीनयर था और जिसने बैटमैन की हमेशा नाक में दम कर रखा है।
'रोबो':- सुपर कमाण्डो ध्रुव का सबसे ज्यादा जानी दुश्मन। जो कि हर दो या तीन कॉमिक्स के बाद आकर उसके लिए सरदर्द उत्पन्न कर देता है।
'Dr. Hannibal':- अरे वही 'Silence of Lambs' वाले जो आदमी का दिमाग भून कर खाते थे और जिनका मुँह भी आपने उनकी कैद में बंधा देखा होगा।
'T 1000':- Robert Patrick, क्या कहा? इनको नहीं जानते? अरे मियाँ ये वही हैं टर्मिनेटर 2 वाले विलेन जिन्होंने अर्नाल्ड की नाक में दम कर दिया था और आख़िरकार उसे खत्म करने को अर्नाल्ड खुद भी एक बार मर गया था।
'बखिया':- श्री सुरेंद्र मोहन पाठक द्वारा कृत वो खलनायक जिसका केवल नाम चलता था। वो भी अपने दुश्मन का भेजा भून कर खाता था, जिसके दुश्मन उसके सामने बैठकर उससे लड़ने की वजाय अपने सर में गोली मार लिया करते थे।
ये कुछ उन खलनायकों के नाम हैं जिनको में जानता हूँ और आप ध्यान दिला देना। लेकिन जो कुछ मैंने पढ़ा या देखा उनमें से एक ही खलनायक या विलेन मेरा आजतक का पसंदीदा किरदार रहा है और वो है 'YOU-KNOW-WHO!'
मतलब 'तुम-जानते-हो-कौन!'
मतलब 'तुम-जानते-हो-कौन!'
ये वो खलनायक है जिसका नाम लेना भी गुनाह है, इसके डर की वजह से किसी में इतनी हिम्मत नहीं थी कि कोई इसका नाम भी ले सके सिवाय दो जनों के। तभी तो मैं इस खलनायक का इतना बड़ा प्रशंशक हूँ कि इसका नाम मैंने अपनी बाइक पर लिखा रखा है और इसका निशान अपनी बाँह पर स्थायी रूप से छपवा रखा है।
इस खलनायक का असली नाम है 'लार्ड वोल्डेमॉर्ट'! वही हैरी पॉटर सीरीज वाला।
क्या कारण था कि ये इतना खतरनाक बन गया और इसका नाम लेने से भी लोग थर्राते थे?
पुराणी कहावत है कि बुराई कोई जानबूझ कर पैदा नहीं करता बस वो अपने आप पैदा हो जाती है। अगर इसका उदाहरण देखना हो तो आप लार्ड वोल्डेमॉर्ट को देख लीजिये। जे के रोलिंग ने पूरी हैरी पॉटर सीरीज लिखी और हीरो बनाया हैरी पॉटर को जो कि एक बच्चा था। लेकिन सही बात बताऊँ तो जिसने भी ये सीरीज पढ़ी होगी वो हैरी को कभी इस सीरीज का नायक नहीं बताएगा। इस वृहद श्रृंखला के असली नायक मेरी नजर में जो थे वो थे :- डम्बल्डोर, हर्माइनी ग्रैंजर, और सीवीयर्स स्नेप लेकिन नायक बना हैरी पॉटर क्यों?
क्योंकि इस सीरीज के पहले उपन्यास के पहले अध्याय का नाम था "The boy who lived"। जब वो पहला चैप्टर मैंने पढ़ा तो अहसास हुआ कि ये क्या कहानी हुई जहाँ हर कोई 'तुम-जानते-हो-कौन' के जाने पर खुशी मना रहा है मतलब कहानी का मुख्य विलेन पहले चैप्टर में ही दुनिया की नजरों से रुखसत हो जाता है और रह जाता है केवल उसका नाम; वो नाम जिसे लेने की हिम्मत किसी में नहीं थी। 'He-Who-Must-Not-Be-Named' उसका दूसरा नाम था। उसके असली नाम को कोई उच्चारित करना तो दूर कोई उसका जिक्र भी नहीं करना चाहता था। जब पहला चैप्टर मैने खत्म किया तो पाया कि कितना बेरहम होगा वो शख्स जो कि एक नितांत अबोध, केवल एक साल के बालक की हत्या करने को निकला है और उसकी हत्या करने से पहले उसके माँ-बाप की हत्या कर चुका होता है लेकिन अपनी एक बहुत मामूली अज्ञानता से वो हैरी को नहीं मार पाता और खुद निशक्त (सम्पूर्ण रूप से न शरीर और न शक्ति) होकर वहां से जैसे तैसे किनारा कर लेता है। बस इसी वजह से हैरी को प्रसिद्धि मिलती है और वो नायक बन जाता है। इसके बाद कहानी 10 साल बाद आगे बढ़ती है। पहली पुस्तक में वोल्डेमॉर्ट की केवल चर्चा यदा कदा आती रहती है लेकिन अंत में बिना अपने शरीर और शक्ति के भी वोल्डेमॉर्ट केवल अपने पहले से कायम डर की वजह से सब पर भारी पड़ता हुआ विदा लेता है और बनता है मेरा सबसे पसंदीदा विलेन।
क्योंकि इस सीरीज के पहले उपन्यास के पहले अध्याय का नाम था "The boy who lived"। जब वो पहला चैप्टर मैंने पढ़ा तो अहसास हुआ कि ये क्या कहानी हुई जहाँ हर कोई 'तुम-जानते-हो-कौन' के जाने पर खुशी मना रहा है मतलब कहानी का मुख्य विलेन पहले चैप्टर में ही दुनिया की नजरों से रुखसत हो जाता है और रह जाता है केवल उसका नाम; वो नाम जिसे लेने की हिम्मत किसी में नहीं थी। 'He-Who-Must-Not-Be-Named' उसका दूसरा नाम था। उसके असली नाम को कोई उच्चारित करना तो दूर कोई उसका जिक्र भी नहीं करना चाहता था। जब पहला चैप्टर मैने खत्म किया तो पाया कि कितना बेरहम होगा वो शख्स जो कि एक नितांत अबोध, केवल एक साल के बालक की हत्या करने को निकला है और उसकी हत्या करने से पहले उसके माँ-बाप की हत्या कर चुका होता है लेकिन अपनी एक बहुत मामूली अज्ञानता से वो हैरी को नहीं मार पाता और खुद निशक्त (सम्पूर्ण रूप से न शरीर और न शक्ति) होकर वहां से जैसे तैसे किनारा कर लेता है। बस इसी वजह से हैरी को प्रसिद्धि मिलती है और वो नायक बन जाता है। इसके बाद कहानी 10 साल बाद आगे बढ़ती है। पहली पुस्तक में वोल्डेमॉर्ट की केवल चर्चा यदा कदा आती रहती है लेकिन अंत में बिना अपने शरीर और शक्ति के भी वोल्डेमॉर्ट केवल अपने पहले से कायम डर की वजह से सब पर भारी पड़ता हुआ विदा लेता है और बनता है मेरा सबसे पसंदीदा विलेन।
दूसरी किताब में वो खुद मौजूद नहीं लेकिन उसकी एक याद दुनिया के तमाम जदूगरों पर भारी पड़ जाती है। कमाल है यार, केवल अपनी एक याद के दम पर ऐसा कमाल कोई कर कैसे सकता है?
तीसरी किताब में भी उसका केवल जिक्र है, वो खुद कहीं नहीं है क्योंकि वो निशक्त है। लेकिन उसके एक चेले की वफ़ादारी की वजह से सब मुसीबत में फँसते हैं और अपनी जान का शुक्र मनाकर निकलते है।
इन तीन किताबों तक वोल्डेमॉर्ट उर्फ़ 'The Dark Lord' का कोई वास्तविक हस्तक्षेप नहीं था लेकिन वो तमाम किरदारों पर छाया रहा और डराता रहा। यहाँ तक किसी को विश्वाश नहीं था कि वो है भी या नहीं या वो मर भी सकता है।
फिर आती है वोल्डेमॉर्ट की जिंदगी के कुछ पहलुओं को रूबरू कराती चौथी किताब। यहाँ वोल्डेमॉर्ट अपने शरीर, शक्ति और अपने सारे चेलों को अंतिम पृष्ठों में हासिल करता है और आते ही एक क़त्ल करवाता है। यहाँ उसकी दुर्दांत छवि के साफ़ दर्शन होते हैं। कोई उसके नये जन्म पर विश्वास नहीं करता क्योंकि कोई चाहता भी नहीं था कि ऐसा कुछ हो लेकिन जन्म हो चुका था।
"The Dark Lord Has Returned More Powerful Than Ever"
"The Dark Lord Has Returned More Powerful Than Ever"
पांचवी किताब से हैरी को मारने की कोशिश वो खुद करता है जो कि पहली किताब से करवा रहा था। खैर नायक नहीं मरता न कभी न मरेगा।
असली रहस्य छटवीं किताब में खुलते हैं कि लॉर्ड वोल्डेमॉर्ट को मारा ही नहीं जा सकता क्योंकि उसने खुद को सात बार के लिए अमर कर रखा है मतलब उसे सात बार मारना पड़ेगा।
सातवीं किताब में वो मर जाता है लेकिन किसी के मारे नहीं दुबारा अपनी खुद की गलती से।
मुझे क्यों पसन्द है?
जवाब आसान हैं।
मेरी जानकारी के अनुसार विलेन कितना भी खूंखार हो लेकिन किसी ने कभी एक साल के बच्चे को मारना नहीं चाहा होगा। ये दुर्दांत्ता की हद थी।
मेरी जानकारी के अनुसार विलेन कितना भी खूंखार हो लेकिन किसी ने कभी एक साल के बच्चे को मारना नहीं चाहा होगा। ये दुर्दांत्ता की हद थी।
या एक साल के बच्चे को मारने से पहले उसके माँ बाप को मारा हो ताकि बच्चे को आसानी से मारा जा सके, ये कट्टरता की हद थी।
कोई ऐसा विलेन देखा जिसके सामने पूरा जादुगर समाज खड़ा रहकर भी उसका कुछ न कर पाया जबकि उस समाज में दुनिया के सबसे बड़े जादूगर भी थे। ये दबंगई की हद थी।
कोई ऐसा विलेन देखा जो अपने सबसे बड़े वफादारों को केवल शक की बिना पर मार देता हो। ये अपने खुद के ऊपर विश्वास की हद थी।
कोई ऐसा विलेन जिसका नाम भी लेने से लोग डरते थे। ये उसके कृत्यों द्वारा उत्पन्न प्रभाव की हद थी।
कोई ऐसा विलेन जो लगभग 3500 पन्नों की कहानी में केवल 50 पन्नों में रहा हो वो भी जिन्दा होने के बाद लेकिन पूरे समुदाय विशेष पर भारी रहा हो। ये उसकी खुद विकसित शक्तियों की हद थी।
कोई ऐसा विलेन जिसके सारे अमरत्व समाप्त हो गए हों लेकिन फिर भी वो अविजेय हो। ये उसके जादुई ज्ञान की हद थी।
कोई ऐसा विलेन जो कहता हो 'कि किसी की हत्या करके तुम मेरे जैसे तो नहीं बन पाओगे लेकिन किसी की मृत्यु कर दोगे। ये अपनी कामीनाई पर उत्पन्न विश्वास की हद थी।
कोई ऐसा विलेन जो कहता हो कि 'न अच्छाई कुछ है, न बुराई कुछ है: जो है केवल शक्ति है और केवल कमजोर लोग ही शक्ति की तलाश में निकलते हैं क्योंकि शक्ति खुद शक्तिशाली की तलाश में रहती है। ये अपनी शक्ति के बारे में जानकारी रखने की हद थी।
और इस विलेन को मारने की काबिलियत पूरी सीरीज में किसी के पास नहीं थी। उसका नाम तक लेने की तो हिम्मत किसी की होती न थी और नाम लेने वालों में एक मर गया था और दूसरा अभी केवल 17 साल का था।
ये विलेन मरा भी तो केवल खुद की एक छोटी सी अज्ञानता से ; पहले पार्ट में भी और आखिरी पार्ट में भी।
न कोई चुहलबाजी, न कोई फालतू का संवाद, न कोई फालतू का काम लेकिन जब भी इसका सन्दर्भ आया सुनने वाले काँप जाते थे और देखने वाले जड़ रह जाते थे। डर की प्रतिमूर्ति, डर का दूसरा नाम, 'डरना जरूरी है' कहावत को चरितार्थ करता हुआ ये था मेरा सबसे पसंदीदा खलनायक 'वह-जिसका-नाम-नहीं-लिया-जा-सकता।' मतलब लार्ड वोल्डेमॉर्ट।
आखिरकार ये इतना खूंखार क्यों था?
किसी भी मनुष्य या प्राणी के जन्म होने के पीछे के कारणों का अगर पता लगाने की कोशिश की जाए तो हर प्रजाति के नर और मादा के शरीर में एक रासायनिक क्रिया के फलस्वरूप जो हार्मोन उत्पन्न होते होते हैं वही हार्मोन हर नर और मादा के मिलन का कारण बनते हैं (मैं फिलहाल हार्मोन्स की बात नहीं कर रहा)। उस मिलन के फलस्वरूप ही हर मादा को गर्भ ठहरता है। हम इंसानों ने इस स्वभाविक रासायनिक क्रिया को 'प्रेम' से संबोधित किया है।
मिलन होने की शर्त ये है कि हार्मोन्स का स्राव दोनों तरफ से हो। अब सवाल आता है कि अगर हार्मोन्स का स्राव दोनों तरफ से न हो तो क्या होगा? स्राव अगर एक तरफा हो तो ? आप लोगों को उत्तर मालूम होगा क्योंकि रोज अखवार में पढ़ते ही होंगे लेकिन एक कहानी में इसका समावेश कैसे किया जाये ताकि बच्चे भी उस कहानी को पढ़ लें, इसका हल जे के रोलिंग ने एक प्रेम काढ़ा (Love Potion) बना कर निकाला और इसका प्रयोग 'सर टॉम रिडल सीनियर' और 'मेरोपि गौंट' पर किया।
डम्बल्डोर के अनुसार 'मेरोपि गौंट' ने 'सर टॉम रिडल सीनियर' को प्रेम काढ़ा पिला कर seduce किया जिसके फलस्वरूप वो गर्भवती हुई और जन्म हुआ 'टॉम रिडल' का। लेकिन जन्म देते समय माता की मृत्यु और माता के नहीं होने के कारण उपलब्ध 'प्रेम काढ़ो' की निर्बाध उपलब्धता नहीं होने की वजह से से 'टॉम रिडल जूनियर' को अकेला छोड़कर उसके तथाकथित पिताजी चले जाते हैं। अब जिसके जन्म में ही प्रेम का समावेश न हो तो वो क्या हो? जब प्रेम ही न हो तो नफरत जन्म लेती है।
यही नफरत अनाथालय में देखने को मिलती है। हाँ वोल्डेमॉर्ट का बचपन अनाथालय में ही बीता था। जब डम्बल्डोर उससे मिलने आते हैं तो वो शायद 10 साल का था लेकिन अपनी काबिलियतों को पहचान चुका था, तभी तो वो कहता है, "मुझे जिन बच्चों से नफरत है उनको मैं गुफा में बंद कर आता हूँ।"
उसको जन्म से ही कहीँ कोई परिवार न मिला। मिला तो एक अनाथालय और उसको वो अपना परिवार न समझ सका। शायद उसने अपनी जादूगरी की सीमा को सबसे पहले और बचपन में ही पहचान लिया था तभी तो डम्बल्डोर के पूछने पर उसने अनाथालय में उनको जवाब दिया था 'I don't need you.'
10 साल की उम्र में उस दुनिया के सबसे बड़े जादूगर को ये उत्तर देना किसी ऐरे-गैरे के बस की बात नहीं थी क्योंकि बच्चों को गुफा में बंद करना उसे अपनी शक्तियों के स्मरण कराता था।
जब 11 साल की उम्र में वो हॉगवर्ट्स पहुंचा तो बोलती हुयी टोपी ने उसको जो हाउस दिया वो था Slytherin , ये हाउस अतिमहत्वाकांक्षी व्यक्तियों के लिए था और इसी वजह से वो Secret Chamber को खोल पाया था और केवल 12 साल की उम्र में ही असीमित शक्ति का मालिक बना था।
वो प्रेम से महरूम था, दोस्त वो बनाता नहीं था, साथ किसी का उसे पसंद नहीं था इसलिए वो शक्ति के लिए लालायित था। शक्ति स्कूल के पाठ्यक्रम में नहीं थी केवल काले जादू की किताबों में थी और वो हॉगवर्ट्स की लाइब्रेरी के उस प्रतिबंधित हिस्से में पहुंचा था और बस किताबों में मशगूल रहता था और इन्ही किताबों में उसको अमर होने के तरीके के बारे में मालूम पड़ा। एक बार अमर होने के लिए किसी एक आत्मा को शरीर से जुदा करना होता था लेकिन उसने सात अमरत्व प्राप्त किये थे (अमरत्व का जिक्र है लेकिन कैसे प्रप्त किये इसका जिक्र किताबों में न के बराबर है)। सातवां अमरत्व प्राप्त करने के चक्कर में अपनी छोटी सी अज्ञानता की वजह से (प्रेम से जानकारी न होना) वो निशक्त हुआ।
जब उसको पता चला कि उसका खून भी अर्धमिश्रित है मतलब एक जादूगर (उसकी माँ) और एक Muggle (साधारण इंसान जैसे की उसका बाप, जिसको उसने मार दिया था उसके परिवार के सहित) के संसर्ग का, तो उसने फैसला किया था कि वो जादूगर समाज के खून को शुद्ध करेगा और किसी भी Half Blood को जिन्दा न रहने देगा।
वजहें और भी बाकी हैं जो मेरी याददाश्त से परे हैं। पूरी श्रृंखला में 35 से ज्यादा कत्ल केवल YOU-KNOW-WHO के इशारे से हुए या उसने खुद किये।
3500 पन्नो से ज्यादा की कहानी में केवल 50 के लगभग पन्नों पर मौजूद ये खलनायक मुझे पूरी जिंदगी याद रहेगा। क्योंकि खलनायक भी कहानी का एक किरदार होता है और वो ही नायक को सम्पूर्ण बनाता है।
पहली किताब के पहले चैप्टर में हैरी पॉटर के माथे पर दर्शाया गया बिजली गिरने का निशान मैंने अपनी बाजू पर 8 साल पहले गुदवाया था। और ये हैरी पॉटर की याद में नहीं बल्कि लार्ड वोल्डेमॉर्ट की प्रशंशा में गुदवाया था। कमेंट बॉक्स में देखना।
और अगर किसी को वोल्डेमॉर्ट से सम्बंधित कोई बात याद हो तो कमेन्ट बॉक्स खुला है।
और अगर किसी को वोल्डेमॉर्ट से सम्बंधित कोई बात याद हो तो कमेन्ट बॉक्स खुला है।
"तुम जिन्दा हो तो भी मुर्दा से बदतर हो और मैं मुर्दा हूँ तो भी जिन्दा से बेहतर हूँ क्योंकि अंतर केवल शक्ति का है।"
लार्ड वोल्डेमॉर्ट, I love You.
शुभ रात्रि।
©
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