#Spellingmiskate.
खैर छात्रों के ऊपर से आधा बोझ हट ही गया, अब बस आधा और रह गया है। बात परीक्षाओं की कर रहा हूँ। अब सारा बोझ हम जैसे कुछ खडूस और सनकी मास्साबों पर आ गया है। काहे का बोझ? अरे मियाँ कॉपीज की चेकिंग, रिचेकिंग और भी तमाम काम होते हैं और अगर मूल्यांकन में कोई कमी रह गयी तो कहीं ऊपर से आकर गाज गिरती है और वो या तो बहुत जोरदार डाँट पड़ने का कारण बनती है या सीधा नौकरी से बेदखल होने का (प्राइवेट स्कूल्स की सच्ची बात) ।
खैर मैं आज रिचेकिंग कर रहा था, लेकिन किसी काम से नीचे जाने के लिए जैसे ही निकला और गैलरी में कदम रखा। एक मैडम ने तुरंत मुझको आवाज दी। मैं उनके पास गया और पूछा, "हाँ मैडमजी कहिये।"
उत्तर में जो बात पता चली वो कुल मिलाकर ये थी कि पहली कक्षा का छात्र था और gk का लिखित पेपर था। बच्चा कमजोर था लेकिन ट्रू-फाल्स और मैच-लिस्ट मिला कर और वस्तुनिष्ठ(MCQ) के ऑप्शन लिखकर इतना कर गया था कि उसको पास होने को 5 नम्बर और चाहिए थे। लेकिन मज़े की बात ये थी कि इनके अलावा उसने केवल रिक्त-स्थान ही किये थे वो भी 5 और पांचों की स्पेलिंग गलत लेकिन उसने जो लिखा था उसका अंग्रेजी में उच्चारण सही बैठ रहा था।
मैंने उन मैडम से कहा कि उच्चारण पर 5 नम्बर देकर इसको पास कर दो। अगर उसने कुछ और लिखा होता तो उस् पर भी विचार किया जा सकता था परंतु दो पेज पर वो जितना याद करके आया था उतना लिखकर, वो अपनी परीक्षा दे चुका था।
मैडम ने बताया कि हेड एग्जामिनर, रिचेकर, HOD सबसे बात हो गयी है लेकिन cbse के नियमों के अनुसार सबने बताया है कि इसका 1 नम्बर कटेगा। तो अब तो ये fail हो जायेगा।
बात नियमों की थी, क़ानून और दायरों की थी, जिसने जितना पढ़ा है उस ज्ञान की थी।
मैंने उन मैडम से केवल इतना कहा कि उस कॉपी को निकालो और मेरे साथ प्रिंसिपल सर के ऑफिस तक चलो।
मैडम ने कॉपी निकाल कर मेरे हवाले की और उनको साथ लेकर में नीचे प्रिंसिपल सर के ऑफिस तक आया। उनकी अनुमति लेकर उनके ऑफिस में पहुँचा और जाते ही प्रश्न किया, "सर, व्हिच इस द टॉलेस्ट पीक ऑफ़ द वर्ल्ड?"
थोड़ा आश्चर्यचकित होकर उन्होंने सही जवाब दे दिया। अब मैंने उनके हवाले वो कॉपी की और कहा कि इसको देखो। जबाब सही था लेकिन स्पेलिंग मिस्टेक थी।
वो तुरंत बोले कि स्पेलिंग गलत है।
मैंने कहा कि "स्पेलिंग तो आपने भी न बोली, आपने भी केवल उच्चारण किया है और वो इस बालक का भी सही है (avraist)। और रही बात spelling मिस्टेक की तो कुछ spelling मिस्टेक आज इतिहास का हिस्सा हैं और आपको भी नहीं पता होगा कि आप और मैं जो दिनभर शब्द प्रयोग करते हैं उसकी भी स्पेलिंग गलत है। लेकिन अपनी अज्ञानता की वजह से हम गलत स्पेलिंग लेकिन सही उच्चारण ही प्रयोग करते हैं।
सर ने उस स्पेलिंग के बारे में पूछा तो मैंने उनको उसके बारे में बताया। (आपको कल बताऊंगा)
वो लाजबाब थे और उस् बालक की कॉपी पर उन्होंने अपने ग्रीन पेन से उसके सही उच्चारण के आधार पर नम्बर देकर उसको पास किया था।
मैडम प्रसन्न थीं। आने वाली 8 तारीख को शायद वो बालक भी प्रसन्न हो जायेगा।
लेकिन इसका मतलब ये न समझना कि स्पेलिंग याद ही नहीं करनी।
वो पहली कक्षा का बालक था आप नहीं हो।
बादबाकी घर पर रखी डिक्शनरी पर लगी धूल आज हटा ही लो।
अच्छा लगा हो तो शेयर कीजियेगा।
खैर छात्रों के ऊपर से आधा बोझ हट ही गया, अब बस आधा और रह गया है। बात परीक्षाओं की कर रहा हूँ। अब सारा बोझ हम जैसे कुछ खडूस और सनकी मास्साबों पर आ गया है। काहे का बोझ? अरे मियाँ कॉपीज की चेकिंग, रिचेकिंग और भी तमाम काम होते हैं और अगर मूल्यांकन में कोई कमी रह गयी तो कहीं ऊपर से आकर गाज गिरती है और वो या तो बहुत जोरदार डाँट पड़ने का कारण बनती है या सीधा नौकरी से बेदखल होने का (प्राइवेट स्कूल्स की सच्ची बात) ।
खैर मैं आज रिचेकिंग कर रहा था, लेकिन किसी काम से नीचे जाने के लिए जैसे ही निकला और गैलरी में कदम रखा। एक मैडम ने तुरंत मुझको आवाज दी। मैं उनके पास गया और पूछा, "हाँ मैडमजी कहिये।"
उत्तर में जो बात पता चली वो कुल मिलाकर ये थी कि पहली कक्षा का छात्र था और gk का लिखित पेपर था। बच्चा कमजोर था लेकिन ट्रू-फाल्स और मैच-लिस्ट मिला कर और वस्तुनिष्ठ(MCQ) के ऑप्शन लिखकर इतना कर गया था कि उसको पास होने को 5 नम्बर और चाहिए थे। लेकिन मज़े की बात ये थी कि इनके अलावा उसने केवल रिक्त-स्थान ही किये थे वो भी 5 और पांचों की स्पेलिंग गलत लेकिन उसने जो लिखा था उसका अंग्रेजी में उच्चारण सही बैठ रहा था।
मैंने उन मैडम से कहा कि उच्चारण पर 5 नम्बर देकर इसको पास कर दो। अगर उसने कुछ और लिखा होता तो उस् पर भी विचार किया जा सकता था परंतु दो पेज पर वो जितना याद करके आया था उतना लिखकर, वो अपनी परीक्षा दे चुका था।
मैडम ने बताया कि हेड एग्जामिनर, रिचेकर, HOD सबसे बात हो गयी है लेकिन cbse के नियमों के अनुसार सबने बताया है कि इसका 1 नम्बर कटेगा। तो अब तो ये fail हो जायेगा।
बात नियमों की थी, क़ानून और दायरों की थी, जिसने जितना पढ़ा है उस ज्ञान की थी।
मैंने उन मैडम से केवल इतना कहा कि उस कॉपी को निकालो और मेरे साथ प्रिंसिपल सर के ऑफिस तक चलो।
मैडम ने कॉपी निकाल कर मेरे हवाले की और उनको साथ लेकर में नीचे प्रिंसिपल सर के ऑफिस तक आया। उनकी अनुमति लेकर उनके ऑफिस में पहुँचा और जाते ही प्रश्न किया, "सर, व्हिच इस द टॉलेस्ट पीक ऑफ़ द वर्ल्ड?"
थोड़ा आश्चर्यचकित होकर उन्होंने सही जवाब दे दिया। अब मैंने उनके हवाले वो कॉपी की और कहा कि इसको देखो। जबाब सही था लेकिन स्पेलिंग मिस्टेक थी।
वो तुरंत बोले कि स्पेलिंग गलत है।
मैंने कहा कि "स्पेलिंग तो आपने भी न बोली, आपने भी केवल उच्चारण किया है और वो इस बालक का भी सही है (avraist)। और रही बात spelling मिस्टेक की तो कुछ spelling मिस्टेक आज इतिहास का हिस्सा हैं और आपको भी नहीं पता होगा कि आप और मैं जो दिनभर शब्द प्रयोग करते हैं उसकी भी स्पेलिंग गलत है। लेकिन अपनी अज्ञानता की वजह से हम गलत स्पेलिंग लेकिन सही उच्चारण ही प्रयोग करते हैं।
सर ने उस स्पेलिंग के बारे में पूछा तो मैंने उनको उसके बारे में बताया। (आपको कल बताऊंगा)
वो लाजबाब थे और उस् बालक की कॉपी पर उन्होंने अपने ग्रीन पेन से उसके सही उच्चारण के आधार पर नम्बर देकर उसको पास किया था।
मैडम प्रसन्न थीं। आने वाली 8 तारीख को शायद वो बालक भी प्रसन्न हो जायेगा।
लेकिन इसका मतलब ये न समझना कि स्पेलिंग याद ही नहीं करनी।
वो पहली कक्षा का बालक था आप नहीं हो।
बादबाकी घर पर रखी डिक्शनरी पर लगी धूल आज हटा ही लो।
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