Monday, 3 October 2016

बात पुरानी है, तबकी है जब मैं आगरा पढ़ने जाया करता था:-
मथुरा जंक्शन पर खड़े हम किसी ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे थे कि अचानक एक बालक, 7 साल की उम्र का, अपने हाथ में एक चिप्स का पैकेट लेके अपने माँ-बाप के सुरक्षा घेरे से बाहर निकल आया। मथुरा और वृन्दावन के बन्दर, आप जानते ही होंगे, छीना झपटी में डिग्री प्राप्त हैं। अचानक एक बंदर ने उसके चिप्स के पैकेट को ताड़ लिया और घात लगा कर उसके पास आने लगा। मेरी निगाहों में दोनों थे- बन्दर और बालक। सहजवृत्ति से मैंने बालक को चेताया, "बन्दर आ रहा है। पैकेट दुबका अपना।"
बालक बोला, "हैं...?"
"बन्दर आ रहा है।"
"क्या?.."
"बन्दर....!" मैं बहुत जोर से चिल्लाया। लेकिन बालक ने हाथ के इशारे से फिर पूछा कि क्या?
तभी अचानक मेरे दिमाग में हलचल हुयी और मैंने जोर से कहा, "Monkey आया।"
और बस इतना कहने की ही देर थी कि बालक ने तुरंत अपने माँ-बाप के पास दौड़ लगा दी। लेकिन चिप्स का पैकेट बंदर की फुर्ती के आगे वो नहीं बचा पाया।
इस घटना के माध्यम से मुझे बस इतना कहना है कि अंग्रेजी दूसरी भाषा है, ये शिक्षित होने का परिचायक नहीं है। अपने बच्चे को बंदर शब्द सिखाओगे तो बच्चा अनपढ़ नहीं कहलाया जायेगा। खुद अपना ध्यान करो कि बचपन में पहले अंग्रेजी सीखी थी या हिंदी?
मेरा 2 साल का बेटा आज आपके monkey को बन्दर बोलता है मुझको कोई शर्म नहीं लेकिन 5 साल बाद यही बालक अगर बन्दर शब्द को नहीं जानता तो मुझको शर्म आती।
खैर जहाँ अंग्रेजी बोली जा रही हो , खूब बोली जा रही हो, शुद्ध हिंदी बोल कर देखना; आपकी हिंदी को आपकी अज्ञानता नहीं आपकी अतिरिक्त योग्यता समझा जाएगा।
मेरा बेटा आज बिल्ली को cat बता रहा था। कल उसे समझाऊंगा कि cat का मतलब बिल्ली होता है।
हिंदी भाषा के सम्मान के लिए शेयर करो।

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