#ट्रिक1
स्कूल और कॉलेज लाइफ में अक्सर आपको एक झुण्ड मिलता होगा जो कभी कभार दूर खड़ा हुआ आपको देखकर आपकी ड्रेस की, जूतों की, टाई की, आपके लहजे की, चाल की या आपके द्वारा की गयी किसी गलती की मजाक उड़ाकर हँस रहा होगा या बातें कर रहा होगा। जरूरी नहीं ऐसे झुण्ड आपको स्कूल या कॉलेज में ही मिलें, ऐसे झुंडों से आपका सामना किसी विवाह समारोह में भी हो सकता है। विवाह समारोह में ऐसा खासतौर पर महिलाओं के साथ होता है। तो महिलाएं भी ध्यान दें (जो कि शायद इक्का दुक्का हैं मेरी मित्र सूची में)।
सच में बड़ी कठिन स्थिति उत्पन्न हो जाती है। आपको पता ही नहीं होता कि वो आखिर आप पर क्यों हँस रहे हैं और चूँकि वो दूर खड़े है तो उनकी बातें भी आपको सुनाई नहीं दे रहीं। ऐसी स्थिति में क्या किया जाना चाहिए... उनको नजरअंदाज करके निकल जाना चाहिये या जाकर उनसे लड़ना चाहिए या ये पता करने की कोशिश की जानी चाहिए कि वो आप पर क्यों हँस रहे है।
ऐसा कुछ न करें, ये हमारी आपको सलाह है। मेरा मानना है कि सामने वाले से उसी की योजना से लड़ना चाहिए। तो अगर ऐसी स्थिति आपके समक्ष उत्पन्न हो तो घबराएं नहीं बस उस झुण्ड की तरफ देखें, और अपनी नजरों से उनके चरणों को निहारें व तुरंत ही अपनी आँखों को नगीना फिल्म की श्रीदेवी की तरह फैला लें, इसके बाद उनके उन सबके चेहरे को बारी बारी एक नजर देखने के बाद हल्का सा मुस्करा दें और फिर अपने चरणों को देखते हुये अपने मुँह पर हाथ रखकर जोर से हँसने की अदाकारी करते हुए वहाँ से निकल लें (ज्यादा नाटकीयता के लिए आप हँसने की अदाकारी करते समय अपने पेट को भी पकड़ सकते हो)।
खैर अब परेशान होने की बारी उनकी होगी और आपको उनकी परेशानी से कोई सारोकार तो होगा नहीं। है न?
पुनश्चहः-: लेखक ने ये अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर लिखी है और ये युक्ति हमेशा कारगर साबित हुई है। लेखक के अनुभव आप जानते होंगे।
शुभरात्रि।
स्कूल और कॉलेज लाइफ में अक्सर आपको एक झुण्ड मिलता होगा जो कभी कभार दूर खड़ा हुआ आपको देखकर आपकी ड्रेस की, जूतों की, टाई की, आपके लहजे की, चाल की या आपके द्वारा की गयी किसी गलती की मजाक उड़ाकर हँस रहा होगा या बातें कर रहा होगा। जरूरी नहीं ऐसे झुण्ड आपको स्कूल या कॉलेज में ही मिलें, ऐसे झुंडों से आपका सामना किसी विवाह समारोह में भी हो सकता है। विवाह समारोह में ऐसा खासतौर पर महिलाओं के साथ होता है। तो महिलाएं भी ध्यान दें (जो कि शायद इक्का दुक्का हैं मेरी मित्र सूची में)।
सच में बड़ी कठिन स्थिति उत्पन्न हो जाती है। आपको पता ही नहीं होता कि वो आखिर आप पर क्यों हँस रहे हैं और चूँकि वो दूर खड़े है तो उनकी बातें भी आपको सुनाई नहीं दे रहीं। ऐसी स्थिति में क्या किया जाना चाहिए... उनको नजरअंदाज करके निकल जाना चाहिये या जाकर उनसे लड़ना चाहिए या ये पता करने की कोशिश की जानी चाहिए कि वो आप पर क्यों हँस रहे है।
ऐसा कुछ न करें, ये हमारी आपको सलाह है। मेरा मानना है कि सामने वाले से उसी की योजना से लड़ना चाहिए। तो अगर ऐसी स्थिति आपके समक्ष उत्पन्न हो तो घबराएं नहीं बस उस झुण्ड की तरफ देखें, और अपनी नजरों से उनके चरणों को निहारें व तुरंत ही अपनी आँखों को नगीना फिल्म की श्रीदेवी की तरह फैला लें, इसके बाद उनके उन सबके चेहरे को बारी बारी एक नजर देखने के बाद हल्का सा मुस्करा दें और फिर अपने चरणों को देखते हुये अपने मुँह पर हाथ रखकर जोर से हँसने की अदाकारी करते हुए वहाँ से निकल लें (ज्यादा नाटकीयता के लिए आप हँसने की अदाकारी करते समय अपने पेट को भी पकड़ सकते हो)।
खैर अब परेशान होने की बारी उनकी होगी और आपको उनकी परेशानी से कोई सारोकार तो होगा नहीं। है न?
पुनश्चहः-: लेखक ने ये अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर लिखी है और ये युक्ति हमेशा कारगर साबित हुई है। लेखक के अनुभव आप जानते होंगे।
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