Saturday, 15 July 2017

कुछ लोग 21 साल की उम्र में अपनी ग्रेजुएशन कर लेते है और अगले चार या पाँच साल तक सही नौकरी की तलाश में भटक रहे होते हैं।

कुछ लोग 25 साल की उम्र में किसी संस्था के CEO बन जाते है और 55 साल की उम्र में काल कवलित हो जाते हैं लेकिन कुछ लोग 50 साल की उम्र में CEO बनते है और 90 साल तक जीते हैं।

कुछ लोगों की शादी 21 साल की उम्र में हो जाती है और कुछ लोग 52 साल तक कुँवारे रहते हैं।

ओबामाजी 55 साल की उम्र में रिटायर हो गए और ट्रम्प जी ने 70 साल की उम्र में अपना करियर शुरू किया है।

मैंने भी अपना करियर 600 रूपये की नौकरी से शुरू किया था। लेकिन आज तनख्वाह इतनी है कि बस गुजारा चल जाता है, मतलब किसी से माँगना नहीं पड़ता।

खैर मेरे कहने का तात्पर्य इतना है कि वक्त बड़ी चीज है कब किसको बना दे और कब किसको डुबा दे; कोई नहीं बता सकता।

समय और मौका हरेक को मिलता है, सुख और दुःख हरेक की जिंदगी में आते हैं। इस दुनिया में कोई भी इंसान ऐसा नहीं है कि जिसने कभी गलती न की हो। मैंने की हैं, तमाम की हैं। आपने की होंगी, तमाम की होंगी। लेकिन असल बात ये है कि उन गलतियों से सबक लीजिये और उनको दोहराओ मत। दुनिया आपका रास्ता रोकेगी लेकिन रास्ते की साइड से भी एक रास्ता होता है, उसे पकड़ो और तरक्की तक पहुँचो।

समय हर किसी का आता है, खुशनसीबी हरेक के हिस्से में , बस आपको पहचाननी है।

आप सौ बार भले ही फेल हो गए हों लेकिन एक मौका आपको जरूर मिलेगा जहाँ से आप सफलता प्राप्त करोगे। उसे ढूंढो।

बादबाकी शैलेंद्र जी ने लिख छोड़ा है कि 'स्वर्ग यहीं , नर्क यहीं, इसके सिवा जाना कहाँ' तो गलत नहीं लिखा।





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