#Captaincool.
#HBDDHONI.
MUST READ.
अभी टीवी देखा तो पता चला कि आज कैप्टेन कूल मतलब हम सबके प्यारे महेंद्र सिंह धोनी का जन्मदिन है। क्या आपने कभी सोचा है कि अगर हमारे कैप्टेन कूल की मुलाकात दुनिया के सबसे कूल जासूस शरलॉक होल्मस के साथ पहली बार हो तो क्या होगा? नहीं सोचा तो आइये चलते हैं एक बेहद हसीं शाम के सफर पर जब इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल हारने के बाद हमारे कैप्टेन कूल ने कूल शरलॉक होल्मस से मिलने का मन बनाया।
धोनी को 221B, Baker Street खोजने में कोई ज्यादा दिक्कत नहीं हुई और शरलॉक के घर के दरवाजे के सामने पहुँच कर उसने दरवाजे को खटकाया। हमेशा की तरह दरवाजा शरलॉक की मकान मालकिन मैडम हुड्सन ने खोला और धोनी की फरमाइश पर वो उसको शरलॉक के कमरे के बाहर छोड़कर चली गईं। शरलॉक का दरवाजा खुला हुआ था लेकिन फिर भी धोनी ने दरवाजे को खटकाया और अंदर से मधुर संगीत की आवाज के साथ 'आ जाओ, दरवाजा खुला है।' सुनने के बाद धोनी ने दरवाजे को खोलकर अंदर कदम रखा। शरलॉक वहीँ सामने कुर्सी पर बैठा हुआ अपना वायलिन बजा रहा था और निकोटिन का पाउच उसकी कलाई पर बंधा हुआ था। धोनी को देखते ही उसने अपनी व्यवसाय सुलभ मुस्कान दिखाते हुए पूछा, "कहिये श्रीमान, आप कौन हैं और मैं आपकी क्या खिदमत कर सकता हूँ।"
'आप कौन हैं?' सुनकर धोनी को बहुत बुरा लगा और उसने तुरंत शरलॉक से कहा, "मैंने डॉ वाटसन से आपके बारे में काफी सुन रखा है और आपकी किताब 'Science of Deduction' भी पढ़ रखी है। मुझे किसी ने ये बताया था कि आप केवल देखकर ही किसी के बारे में तमाम जानकारियां जुटा सकते हैं और आप मुझसे मेरा नाम पूछ रहे हैं। खुद पता लगाओ न।"
शरलॉक एक पल को मुस्कुराया, उसने अपना वायलिन नीचे रखा और कुर्सी पर बैठे हुए ही उसने धोनी को भी बैठने का इशारा किया। कुछ देर तक उसने धोनी को देखते हुए अपनी कलाई पर बंधे निकोटिन पाउच को दबाया और दो मिनट की चुप्पी के बाद शरलॉक होल्मस ने जो कहा उससे धोनी के रोंगटे खड़े हो गए।
"ओह! धोनी तुम! तुमने क्यों कष्ट किया यहाँ आने का, मुझे बुला लिया होता।"
धोनी ने आश्चर्य मिश्रित शब्दों में कहा, "आपने कैसे पता किया कि मैं धोनी हूँ? मेरी तो आपसे पहली मुलाकात है।"
जवाब में शरलॉक ने अपने निकोटिन पाउच को दबाकर जो तर्क दिए वो आपके सामने हाजिर हैं।
"मुझे बोलने देना, तुम बीच में मत बोलना धोनी। तुम्हारे चेहरे के भावों से और तुम्हारे शब्दों से मैंने जाना कि तुम बहुत ही साफगोई से बात कहने वाले इंसान हो और जैसे ही तुम बैठे तो तुम्हारे जाँघों की मांसपेशियों की मजबूती से मैंने अनुमान लगाया कि तुम उस पेशे में हो जहाँ बहुत उठक बैठक करनी पड़ती है लेकिन तुम्हारी चुस्त पेंट से तिल्लियों की मांसपेशियां बता रही हैं कि तुम एक बहुत तेज धावक हो लेकिन तुम्हारा हल्का सा निकला पेट बता रहा है कि तुम लंबी दौड़ नहीं लगाते बल्कि छोटी दौड़ लगभग 10 से 30 गज के बीच की लगाते हो और इस साल हुए ओलंपिक की दौड़ में मैंने तुम्हें नहीं देखा था।
तुम्हारे चेहरे और गर्दन की खाल का रंग जुदा है मतलब तुम सर पर हमेशा कुछ पहने हुये रहते हो। जैसे कि हेलमेट जो तुम्हारे माथे और चेहरे की खाल को धूप से बचा लेता है।
तुम्हारे हाथों की उंगलियों की बिगड़ी हुयी बनावट से तुम फुटबॉल के गोलकीपर महसूस हो रहे हो लेकिन गोलकीपर इतनी उठक बैठक नहीं लगाता जितनी कि तुम्हारी जांघों की माँस पेशियाँ बता रही हैं। अब अगर कोई इंसान किसी खेल से संबंधित है और दौड़ता है, उँगलियों की बनावट भी बिगड़ी हुयी है तो वो या तो विकेटकीपर हो सकता है या स्पिन बॉलर। लेकिन जिस तरीके से तुमने अभी कुछ देर पहले मक्खी को अपने चेहरे से टकराने से पहले हटाया था तो तुम्हारे उस रिफ्लेक्स से पता चला कि तुम विकेटकीपर हो। तुम्हारे सीधे हाथ की बाजू की मजबूत मांसपेशियों और बाएं हाथ की कलाइयों की मजबूत मांसपेशियों से मैंने पहचाना कि तुम एक बहुत ही शानदार बॉटम हैण्ड बल्लेबाज भी हो। जो कि एक विशेष शॉट के लगाने के अभ्यास का नतीजा है।
तुम्हारे हाथों के पीछे की खाल की कसावट से मेरा अंदाजा है कि तुम्हारी उम्र 32 से 37 साल के बीच की होगी लेकिन तुम्हारी दाढ़ी के तमाम सफ़ेद बाल तुम्हारी चिंताओं के घोतक हैं और चिंता हमेशा से जिम्मेदार व्यक्तियों का आभूषण है। खैर इस चिंता और जिम्मेदारी से पता चलता है कि तुम किसी ऐसी टीम की अगुवाई कर रहे हो जो पहले हमेशा निचले पायदान पर रही हो और तुम्हारे माथे की झुर्रियां से मैंने अंदाज लगाया कि तुम खुद पर बहुत बड़ा बोझ लाद चुके हो। लेकिन तुम्हारी आँखों की चमक ने मुझे बताया कि तुमने जिंदगी में बहुत कुछ हासिल किया है। तुम्हारे हाथ पर बंधा ये रंग बिरंगा धागा तुम्हारे भारतीय होने की चुगली कर रहा है। तो बस मैंने इन सारे तथ्यों के सार को अपने अख़बारों के पढ़ने से मिलने वाले तथ्यों से मिलाया। (शरलॉक के ज़माने में अखबारों में फोटो नहीं छपते थे।)
भारतीय,
विकेटकीपर,
विशेष शॉट में माहिर बल्लेबाज,
बहुत तेज धावक,
साफ़ कहने वाला इंसान,
कैप्टेन,
बहुत कुछ जीत भी चुका है।
मतलब महेंद्र सिंह धोनी। जन्मदिन की शुभकामनाएं शरलॉक की तरफ से।"
धोनी दुबारा आश्चर्यचकित हो गया और उसने पूछा, "मेरे जन्मदिन का कैसे पता चला आपको?"
शरलॉक ने जवाब दिया, "उस भीड़ से जो मुझे तुम्हारे पीछे मौजूद खिड़की से नीचे खड़ी दिखाई दे रही है और हरेक के हाथ में केवल एक ही बैनर है। "हैप्पी बर्थडे कैप्टेन कूल।"
"आपसे मिलकर ख़ुशी हुई, जैसा सुना था वैसा ही पाया।" धोनी ने कहा।
"आपसे मिलकर गर्व हुआ, जैसा पढ़ा था आपके बारे में उससे भी बेहतर पाया।" शरलॉक ने मुस्कराते हुए कहा।
"अब मुझे विदा दीजिये, जासूस कूल।"
"गेट खुला हुआ है, कैप्टेन कूल। फिर मिलने आइयेगा।" और इतना कहकर शरलॉक ने अपने बाजू पर बंधा निकोटिन पाउच दबाया और वायलिन उठाकर आँखे बंद करके उसे बजाने लगा।
#HBDDHONI.
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अभी टीवी देखा तो पता चला कि आज कैप्टेन कूल मतलब हम सबके प्यारे महेंद्र सिंह धोनी का जन्मदिन है। क्या आपने कभी सोचा है कि अगर हमारे कैप्टेन कूल की मुलाकात दुनिया के सबसे कूल जासूस शरलॉक होल्मस के साथ पहली बार हो तो क्या होगा? नहीं सोचा तो आइये चलते हैं एक बेहद हसीं शाम के सफर पर जब इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल हारने के बाद हमारे कैप्टेन कूल ने कूल शरलॉक होल्मस से मिलने का मन बनाया।
धोनी को 221B, Baker Street खोजने में कोई ज्यादा दिक्कत नहीं हुई और शरलॉक के घर के दरवाजे के सामने पहुँच कर उसने दरवाजे को खटकाया। हमेशा की तरह दरवाजा शरलॉक की मकान मालकिन मैडम हुड्सन ने खोला और धोनी की फरमाइश पर वो उसको शरलॉक के कमरे के बाहर छोड़कर चली गईं। शरलॉक का दरवाजा खुला हुआ था लेकिन फिर भी धोनी ने दरवाजे को खटकाया और अंदर से मधुर संगीत की आवाज के साथ 'आ जाओ, दरवाजा खुला है।' सुनने के बाद धोनी ने दरवाजे को खोलकर अंदर कदम रखा। शरलॉक वहीँ सामने कुर्सी पर बैठा हुआ अपना वायलिन बजा रहा था और निकोटिन का पाउच उसकी कलाई पर बंधा हुआ था। धोनी को देखते ही उसने अपनी व्यवसाय सुलभ मुस्कान दिखाते हुए पूछा, "कहिये श्रीमान, आप कौन हैं और मैं आपकी क्या खिदमत कर सकता हूँ।"
'आप कौन हैं?' सुनकर धोनी को बहुत बुरा लगा और उसने तुरंत शरलॉक से कहा, "मैंने डॉ वाटसन से आपके बारे में काफी सुन रखा है और आपकी किताब 'Science of Deduction' भी पढ़ रखी है। मुझे किसी ने ये बताया था कि आप केवल देखकर ही किसी के बारे में तमाम जानकारियां जुटा सकते हैं और आप मुझसे मेरा नाम पूछ रहे हैं। खुद पता लगाओ न।"
शरलॉक एक पल को मुस्कुराया, उसने अपना वायलिन नीचे रखा और कुर्सी पर बैठे हुए ही उसने धोनी को भी बैठने का इशारा किया। कुछ देर तक उसने धोनी को देखते हुए अपनी कलाई पर बंधे निकोटिन पाउच को दबाया और दो मिनट की चुप्पी के बाद शरलॉक होल्मस ने जो कहा उससे धोनी के रोंगटे खड़े हो गए।
"ओह! धोनी तुम! तुमने क्यों कष्ट किया यहाँ आने का, मुझे बुला लिया होता।"
धोनी ने आश्चर्य मिश्रित शब्दों में कहा, "आपने कैसे पता किया कि मैं धोनी हूँ? मेरी तो आपसे पहली मुलाकात है।"
जवाब में शरलॉक ने अपने निकोटिन पाउच को दबाकर जो तर्क दिए वो आपके सामने हाजिर हैं।
"मुझे बोलने देना, तुम बीच में मत बोलना धोनी। तुम्हारे चेहरे के भावों से और तुम्हारे शब्दों से मैंने जाना कि तुम बहुत ही साफगोई से बात कहने वाले इंसान हो और जैसे ही तुम बैठे तो तुम्हारे जाँघों की मांसपेशियों की मजबूती से मैंने अनुमान लगाया कि तुम उस पेशे में हो जहाँ बहुत उठक बैठक करनी पड़ती है लेकिन तुम्हारी चुस्त पेंट से तिल्लियों की मांसपेशियां बता रही हैं कि तुम एक बहुत तेज धावक हो लेकिन तुम्हारा हल्का सा निकला पेट बता रहा है कि तुम लंबी दौड़ नहीं लगाते बल्कि छोटी दौड़ लगभग 10 से 30 गज के बीच की लगाते हो और इस साल हुए ओलंपिक की दौड़ में मैंने तुम्हें नहीं देखा था।
तुम्हारे चेहरे और गर्दन की खाल का रंग जुदा है मतलब तुम सर पर हमेशा कुछ पहने हुये रहते हो। जैसे कि हेलमेट जो तुम्हारे माथे और चेहरे की खाल को धूप से बचा लेता है।
तुम्हारे हाथों की उंगलियों की बिगड़ी हुयी बनावट से तुम फुटबॉल के गोलकीपर महसूस हो रहे हो लेकिन गोलकीपर इतनी उठक बैठक नहीं लगाता जितनी कि तुम्हारी जांघों की माँस पेशियाँ बता रही हैं। अब अगर कोई इंसान किसी खेल से संबंधित है और दौड़ता है, उँगलियों की बनावट भी बिगड़ी हुयी है तो वो या तो विकेटकीपर हो सकता है या स्पिन बॉलर। लेकिन जिस तरीके से तुमने अभी कुछ देर पहले मक्खी को अपने चेहरे से टकराने से पहले हटाया था तो तुम्हारे उस रिफ्लेक्स से पता चला कि तुम विकेटकीपर हो। तुम्हारे सीधे हाथ की बाजू की मजबूत मांसपेशियों और बाएं हाथ की कलाइयों की मजबूत मांसपेशियों से मैंने पहचाना कि तुम एक बहुत ही शानदार बॉटम हैण्ड बल्लेबाज भी हो। जो कि एक विशेष शॉट के लगाने के अभ्यास का नतीजा है।
तुम्हारे हाथों के पीछे की खाल की कसावट से मेरा अंदाजा है कि तुम्हारी उम्र 32 से 37 साल के बीच की होगी लेकिन तुम्हारी दाढ़ी के तमाम सफ़ेद बाल तुम्हारी चिंताओं के घोतक हैं और चिंता हमेशा से जिम्मेदार व्यक्तियों का आभूषण है। खैर इस चिंता और जिम्मेदारी से पता चलता है कि तुम किसी ऐसी टीम की अगुवाई कर रहे हो जो पहले हमेशा निचले पायदान पर रही हो और तुम्हारे माथे की झुर्रियां से मैंने अंदाज लगाया कि तुम खुद पर बहुत बड़ा बोझ लाद चुके हो। लेकिन तुम्हारी आँखों की चमक ने मुझे बताया कि तुमने जिंदगी में बहुत कुछ हासिल किया है। तुम्हारे हाथ पर बंधा ये रंग बिरंगा धागा तुम्हारे भारतीय होने की चुगली कर रहा है। तो बस मैंने इन सारे तथ्यों के सार को अपने अख़बारों के पढ़ने से मिलने वाले तथ्यों से मिलाया। (शरलॉक के ज़माने में अखबारों में फोटो नहीं छपते थे।)
भारतीय,
विकेटकीपर,
विशेष शॉट में माहिर बल्लेबाज,
बहुत तेज धावक,
साफ़ कहने वाला इंसान,
कैप्टेन,
बहुत कुछ जीत भी चुका है।
मतलब महेंद्र सिंह धोनी। जन्मदिन की शुभकामनाएं शरलॉक की तरफ से।"
धोनी दुबारा आश्चर्यचकित हो गया और उसने पूछा, "मेरे जन्मदिन का कैसे पता चला आपको?"
शरलॉक ने जवाब दिया, "उस भीड़ से जो मुझे तुम्हारे पीछे मौजूद खिड़की से नीचे खड़ी दिखाई दे रही है और हरेक के हाथ में केवल एक ही बैनर है। "हैप्पी बर्थडे कैप्टेन कूल।"
"आपसे मिलकर ख़ुशी हुई, जैसा सुना था वैसा ही पाया।" धोनी ने कहा।
"आपसे मिलकर गर्व हुआ, जैसा पढ़ा था आपके बारे में उससे भी बेहतर पाया।" शरलॉक ने मुस्कराते हुए कहा।
"अब मुझे विदा दीजिये, जासूस कूल।"
"गेट खुला हुआ है, कैप्टेन कूल। फिर मिलने आइयेगा।" और इतना कहकर शरलॉक ने अपने बाजू पर बंधा निकोटिन पाउच दबाया और वायलिन उठाकर आँखे बंद करके उसे बजाने लगा।
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